Sunday, July 24, 2011

टहनी

टहनी
टहनी कितना जाना पहचाना शब्द है ,इसमें क्या खास है ?.....हर पौधे ,पेड़ और उम्रदराज़ होते ब्रक्षों में
हजारों टहनियां होती है .....नाज़ुक से नाज़ुक नन्ही टहनी और मजबूत से मजबूत मोटी टहनी .
पेड़ चाहे फूलों का हो या फलों का ....... पेड़ों के स्वरुप को आकार देती टहनियां
फूलों से लदे पेड़ों के भीतर अनेको छोटी बड़ी ढेर सी टहनियां .......फूलों का अस्तित्व तो हर किसी को नज़र
आता है मगर नज़र अंदाज़ रह जाती है........ टहनी .................
फलों से लदे फदे पेड़ों को देखिये कितनी नफासत से मजबूती से हर फल को अपने में समेटे रह्त्ती है टहनी
फलों लदे-फदे पेड़ों में छिपी ढेरों टहनियों को देख कर सोचती हूँ ........ममता होती ही है ऐसी पत्तों में ,फूलों में ,फलों
में छिपी टहनी जैसी ............

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