Sunday, July 24, 2011

rishton ke taar

बिखरे हुए तारों यानि वायर के सम्बन्ध में कह रही हूँ सेल -फ़ोन ,लेपटाप ,दिजी -केम....,चार्ज होते देखती हूँ तो सोचती हूँ काश ..........ऐसा भी कोई चारजर होता जो टूटते ,डूबते ,मृत -प्राय होते
संबंधो को भी चार्ज कर देता .......जानती हूँ शब्द वह शक्ति है जो भावनाओ ,विचारो को भली -भातीं संप्रेषित करती हैं ,मगर कई बार अहं ,संवाद -हीनता ,समय की कमी ,समीपता और दूरी
हमारे रिश्तों को प्रभावित करती हैं ,तो कितना अच्छा होता हम जिस किसी भी रिश्ते को चाहते चार्जर से चार्ज कर लेते और उनमें नई ऊर्जा भर सकते

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