Sunday, July 24, 2011

स्कूल चलें हम


स्कूल चलें हम

उत्तराखंड के एक स्कूल की छत दहने से प्रायमरी के १८ बच्चों की म्रत्यु .............कितनी दर्दनाक खबर है . कितने घरों के चिराग बुझ गए .........
माना बादल फटना एक प्राकर्तिक घटना है मगर क्या यह पहली घटना है कहीं स्कूल की छत नहीं है कहीं शिक्षक नहीं है ....कहीं एक ही कमरे में ५-५ कक्षाएं लग
रही हैं ...........ये बातें रोज ही अखबार में पठने को मिल जाती हैं .
न बच्चे सुरक्षित हैं न ही शिक्षा का वो स्तर रह गया है विकास की राह पर आगे तो हम बड़ते जा रहे हैं और नारा लगा रहे हैं .........स्कूल चलें हम .....................
पर हम भूल जातें हैं की स्कूली शिक्षा की बुनियादी जरूरतें हमने.......... आपने....... कितनी पूरी की हैं, जो हमारे नौनिहालों को एक सुरक्षित ,संरक्षित ,और शिक्षित भविष्य दे सके
या सिर्फ हम नारा ही लगते रहेगे ............स्कूल चलें हम ............स्कूल चलें हम 

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